क्या विकास के नाम पर हम विनाश के रास्ते पर हैं? पढ़िए हमारा वैश्विक घोषणापत्र | Co-Earth Movement | Develish One Foundation
Develish One Foundation
डेवलिश वन फाउंडेशन (CIN: U88900UP2025NPL220764)
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☑ वैश्विक घोषणापत्रः "को-अर्थ" आंदोलन (The Co-Earth Movement)
प्रिय वैश्विक नागरिकों,
इस दुनिया का कोई भी इंसान या जीव जन्तु जीना तो चाहता है मगर वो सब कुछ बिना किसी की मेहनत के सोचता है कि उसके जीने के लिए जितनी भी आवश्यक चीज़ें हैं वो बैठे बिठाए मिल जाएं, लेकिन आप को और हम सब को पता है कि कोई भी चीज हमें बैठे बिठाए नहीं मिलने वाली फिर हम क्यों उम्मीद कर रहें हैं कि कोई सरकार या कानून या कंपनी हमारे जीवन को और इस दुनिया को बेहतर बनाएगी? हालांकि आज के दौर में ये बात ये अधिकतर लोगों को मालूम हो गया है कि फिल्मों तरह कोई भी हीरो इस समस्या को हल करने नहीं आएगा अगर आएगा तो केवल और केवल अपने फायदे के लिए। हमें इस बात को समझना होगा कि कोई जब vote मांगने या बेहतर भविष्य के सपने को बेचने आता तो वह दरअसल अपने लिए आता है न कि हमारे लिए और अगर कोई सही मार्ग बताने भी आता है तो वह मार्ग बता कर चला जाता है और हम उसके मार्ग पर चलने के बजाए उसको पूजने लग जातें हैं और कुछ लोग उन्हीं का नाम लेकर सत्ता में पहुंच जाते हैं। इतिहास का उदाहरणः
कार्ल मार्क्स ने सभी मजदूरों और कर्मचारियों को संगठित करने का प्रयास किया ताकि उनका कोई भी पूंजीपती उनका शोषण न कर सके मग्र हुआ क्या उनके जाने के बाद उनके नाम पर राजनीतिक पार्टियां बनी और आज वो सत्ता में हैं और हम सब को पता है कि आज कितने मजदूरों और किसानों का यूनियन या फिर संगठन है? आज पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा इन्हीं लोगों का शोषण होता है और इन्हीं लोगों से जहाज से लेकर सुई तक बनवाई जाती है फिर इन्हीं को बेचा जाता है और ये लोग भी झूठे शान और स्स्टेटस के अंधे दौड़ में शामिल हो कर पूंजिपतियों के उत्पादक और उपभोक्ता बन कर रह जाते हैं और बड़े लोग हमेशा इनके ऊपर राज करते हैं। आधुनिक विकास का भ्रम बनाम कड़वी सच्चाई
आज कल लोग एक नए बड़े भ्रम में जी रहे हैं। हम विकास कर रहें है और विज्ञान अब अरबों-खरबों डॉलर खर्च करके किसी दूसरे बंजर ग्रह (जैसे मंगल) पर शुरुआत से जीवन बसाने का ख्वाब दिखा रहा है, लेकिन ये लोग इस बात को नहीं समझ रहे कि ये जो नए मसीहा हैं वो भी पूंजीपती लोग ही हैं और उनको केवल फायदा और घाटा समझ में आता है बस । आपको और हम सबको इस बात को समझना होगा कि ये लोग जिस अंधे दौड़ में लगे हैं वो विकास नहीं बल्कि विनाश का रास्ता है। इसे एक वैज्ञानिक उदाहरण से समझने का प्रयास करते हैं:
यानि कि ब्रह्मांड ने हमारे लिए पहले से ही लिमिट सेट करके रखा है यदि फिर भी मान लीजिए कि हमने किसी नए ग्रह को रहने लायक बना ही दिया तो फिर आपको क्या लगता है कि वहां कौन से लोग रहने जायेगा? जब आज दुनिया की 80% आबादी इतनी गरीब है कि वह अपने पूरे जीवन में अपने देश में नहीं घूम पाती यात्रा कर पति तो फिर क्या वो उस नए ग्रह पर कभी जा पाएगी रहने के लिए नहीं वह इसी धरती पर निवास करेगी जो कि गैस चेंबर में बदल चुका होगा। अब आप खुद सोचिए हमारे पास जो एकमात्र स्वर्ग जैसी धरती बचती है रहने लायक है जिसने हमें सब कुछ मुफ्त में दिया है। उसको ये बड़े - बड़े उद्योगपति और सरकारें मिलकर विकास के नाम पर नष्ट कर रहीं हैं अपने अंधे लालच के चक्कर में जिसमें हमारा भी उतना ही बड़ा योगदान है। मेरा स्पष्ट मानना है - हमारी पृथ्वी के पास आज भी हमें और आने वाली पीढ़ियों को हजारों सालों तक आसानी से जीवित रखने की क्षमता , बशर्ते हम अपने अंधे लालच और असंतुष्टि को छोड़ दें। हम विज्ञान और जिज्ञासा के खिलाफ नहीं हैं, हम खिलाफ हैं उन लोगों के जो प्राकृतिक संसाधनों का गलत तरीके से प्रयोग कर रहें हैं और इसके बावजूद वो लोग न तो अपनी जिम्मेदारी प्रकृति कृति के प्रति मानते हैं और न ही आने वाली पीढ़ियों के प्रति, हमें इसी सोच को बदलना है और इसकी शुरुआत हमें खुद से और अपने आस पास से करनी होगी। कोई भी सरकार, बड़ी कंपनी या संस्था अकेले इस धरती को नहीं बचा सकती। इसके लिए दुनिया के सभी देशों और हर नागरिक को ग्राम पंचायत से देश के केंद्रीय स्तर तक सभी को एक साथ आना होगा। हमें बड़े चमत्कारों का इंतजार छोड़कर अपने-अपने स्तर पर छोटे-छोटे कार्यों को पूरा करना होगा। यही हमारी असली जिम्मेदारी है।
भाग 2: हमारा मूल मंत्र - "अकेले कोई नहीं, एक साथ सभी!"
हमारा यह आंदोलन एक ऐसा सकारात्मक 'पागलपन' है जो हर देश की जनता के दिमाग में उतर जाना चाहिए। हम किसी दूसरे ग्रह पर भागने के बजाय, इसी धरती पर जीवन को बचाएंगे और इसे फिर से संवारेंगे। जब दुनिया के अरबों लोग अपने स्तर पर छोटे-छोटे प्रयास करेंगे, तो यह एक वैश्विक क्रांति बन जाएगी। हमें एक जुट होने के लिए और अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए हमें सबसे पहले धर्म, जाति, नस्ल, लिंग, जन्मस्थान और भाषा के नाम पर जो नकली गौरव का आनंद लेते हैं इसे मिटाना होगा हमें समझना पड़ेगा कि दुनिया के जितने भी राजनीतिक दल, कंपनियां या वो सभी संगठन और संस्थाएं जो हमारे जीवन को नियंत्रित करती हैं इसी के नाम पर हमें भटका कर रखती हैं ताकि हम कभी भी सही और सच्चा मानवधर्म न ही समझ पाएं न निभा पाएं और न ही संगठित हो पाएं ताकि यदि ऐसा हुआ तो हमें उनकी आवश्यकता नहीं पड़ेगी जिससे वो हमारा शोषण नहीं कर पाएंगे। अतः आप सभी एकजुट होकर एक मिशन के लिए काम करें और वो मिशन अपना और अपने धरती को बेहतर बनाने का होना चाहिए। यह एक अंतहीन आंदोलन है जो तभी रुकेगा जबः
भाग 3: हमारे 8 प्रमुख प्रोजेक्ट्स (Our 8 Core Projects)
हमारी विचारधारा को धरातल पर उतारने के लिए डेवलिश वन फाउंडेशन इन 8 स्तंभों पर काम कर रहा है: 1. ग्रीनिंग Earth मिशन (Greening Earth Mission)
हम सिर्फ पौधे नहीं लगाते, बल्कि नष्ट हो चुके ईकोसिस्टम को नया जीवन देते हैं। हमारा लक्ष्य हर शहर, हर गांव और धरती के हर कोने को फिर से सघन वनों से हरा-भरा बनाना है।
2. वॉटर गार्डियंस (Water Guardians)
पानी की हर एक बूंद कीमती है। हमारा मिशन पारंपरिक जल स्रोतों (तालाबों, कुओं) को पुनर्जीवित करना और हर घर तक वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) तकनीक को पहुंचाना है।
3. वेस्ट वॉरियर्स (Waste Warriors)
प्लास्टिक और कचरे के डंपिंग यार्ड्स को खत्म करना। हम 'जीरो-वेस्ट ईकोसिस्टम' और 'अपसाइक्लिंग' (Upcycling) के जरिए कचरे को उपयोगी वस्तुओं और पर्यावरण-अनुकूल रोजगार में बदलते हैं।
4. सभी के लिए बेहतर शिक्षा (Education for Everyone)
शिक्षा नौकरी या दूसरे शब्दों में कहें तो पूंजीवादी विचारधारा की जरूरत पूरी करने के लिए नहीं बल्कि जीवन को कैसे जिया जाए और सोचा कैसे जाता इसके लिए होती है इसलिए कहते हैं कि शिक्षा खुद जिंदगी है और हमारा मानना है कि जिस दिन लोग सही मायनों में शिक्षित हो गए उस दिन ये दुनिया जन्नत बन जाएगी फिर हमें न तो किसी संस्था कि, न सरकार कि और न ही किसी क्रांति की जरूरत पड़ेगी धरती निरंतर ऐसा शांत, सुंदर बनाए रखने के लिए। इसलिए हमें सभी लोगों तक बेहतर शिक्षा पहुंचाना ही होगा कोई दूसरा विकल्प नहीं है अन्यथा हमारा प्रयास विफल और निरर्थक हो जायेगा। शायद इसीलिए शिक्षा को मूल अधिकार की श्रेणी में रखा गया है।
5. सभी के लिए बेहतर स्वास्थ्य (Health for Everyone)
किसी भी इंसान या फिर कोई भी जीव जन्तु जिसके पास उसके जरूरत के कितने ही संसाधन मौजूद क्यों न हो, फिर भी वह खुश नहीं हो सकता शांत नहीं हो सकता अगर वह बीमार हो इसलिए लोग स्वास्थ को ही असली धन मानते हैं, इसलिए हमारा प्रयास है कि स्वस्थ जीवन पर हर किसी का हक है और वो लोगों को मिलना ही चाहिए।
6. पर्यावरण संरक्षण हेतु जागरूकता (Nature Issues Awareness)
स्कूली बच्चों और युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के व्यावहारिक तरीकों के बारे में शिक्षित करना, ताकि आने वाली पीढ़ी जन्म से ही प्रकृति रक्षक बने ।
7. रिन्यूएबल एनर्जी अडॉप्शन (Renewable Energy Adoption)
सौर ऊर्जा (Solar Energy) और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बढ़ावा देना ताकि कार्बन उत्सर्जन को न्यूनतम किया जा सके।
8. वाइल्डलाइफ एंड बायोडायवर्सिटी प्रोटेक्शन (Wildlife & Biodiversity)
स्थानीय स्तर पर लुप्तप्राय जीव-जंतुओं और वनस्पतियों के प्राकृतिक आवासों का संरक्षण करना, ताकि प्रकृति का खाद्य-चक्र और संतुलन बना रहे।
भाग 4: आह्वान
यह हमारी, आपकी और हम सबकी मिट्टी है। अपनी छोटी-जिम्मेदारी (Micro-Responsibility) उठाइए और आज ही Develish One Foundation के साथ जुड़िए और Co-Earth आंदोलन को आगे ले जाइए। क्योंकि अगर आज हमने अपनी इस धरती को नहीं बचाया, तो आने वाले कल में कोई दूसरा ग्रह हमें शरण नहीं देगा! नोट - हम किसी देश या सरकार के खिलाफ नहीं बल्कि हम सभी देशों के संविधानों और दुनिया के सभी धर्मों का दिल से आदर करते हैं। हम खिलाफ हैं असमानता के, हम खिलाफ हैं भ्रष्टाचार के, हम खिलाफ हैं नफ़रत के, हम खिलाफ हैं अंध श्रद्धा के, हम खिलाफ हैं युद्धों के, हम खिलाफ हैं शोषण के। हम हर उस चीज के खिलाफ हैं जो प्रकृति और मानवता के खिलाफ है और हम हर उस चीज के साथ हैं जो प्रकृति और मानवता के साथ है बशर्ते वह चीज इन चीजों का नाम लेकर इसके खिलाफ काम न कर रहा हो। |
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निदेशक मंडल और अध्यक्ष
डेवलिश वन फाउंडेशन |
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