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Showing posts from May, 2026

Constitution of Develish One Foundation

   devəliSH One Foundation संविधान एवं नियमावली प्रस्तावना हम, devəliSH One Foundation के संस्थापक सदस्य, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास के लिए समर्पित हैं। यह संविधान संस्था के सुचारू संचालन, पारदर्शिता एवं स्वयंसेवकों की भागीदारी हेतु बनाया गया है। अध्याय 1 : सामान्य प्रावधान 1. नाम संस्था का नाम "devəliSH One Foundation" (देवलीश वन फाउंडेशन) होगा। पंजीकृत नाम Develish One Foundation है। धारा 8 कंपनी अधिनियम 2013 के तहत पंजीकृत। पंजीकरण संख्या CIN: U88900UP2025NPL220764 2. टैगलाइन Nature First, Future Forward  3. पंजीकृत कार्यालय Bharat Lal, Ramva Pur Dakahi, Post Katra, Police Station Ikauna, District Shrawasti, Uttar Pradesh – 271805 4. आधिकारिक चिन्ह (लोगो) 5. आधिकारिक वेबसाइट  www.develishngo.in 6. उद्देश्य (Objectives) संस्था के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित होंगे: 1. पर्यावरण संरक्षण – वृक्षारोपण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना। 2. सामाजिक कल्याण – गरीबी उन्मूलन, ख...

विकास या विनाश? ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट और हमारी सांसे: Develish One Foundation की एक गहरी पड़ताल Great Nicobar Mega Project

विकास की अंधी दौड़ में जब इंसान प्रकृति के सबसे अनमोल खजाने पर कुल्हाड़ी चलाने लगे, तो यह केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बन जाता है। भारत के सबसे दक्षिणी छोर पर स्थित **ग्रेट निकोबार द्वीप समूह** इस समय एक ऐसे ही चौराहे पर खड़ा है। सरकार की लगभग ₹72,000 करोड़  की 'ग्रेट निकोबार मेगा प्रोजेक्ट' (Great Nicobar Mega Project) योजना को लेकर पर्यावरणविदों, वैज्ञानिकों और आम जनता में भारी चिंता है। Develish One Foundation  एक पर्यावरण-अनुकूल समाज की वकालत करता है, और हमारा मानना है कि देश की सुरक्षा और आर्थिक तरक्की जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी इस धरती की सांसे भी हैं। आइए, इस पूरे मामले को बहुत गहराई से और प्रामाणिक तथ्यों के साथ समझते हैं।  ग्रेट निकोबार की जैव-विविधता क्यों है इतनी अनमोल? ग्रेट निकोबार केवल ज़मीन का एक टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह दुनिया के सबसे संवेदनशील और समृद्ध इकोसिस्टम में से एक है। इसे 'गैलापागोस ऑफ एशिया'  भी कहा जाता है। बायोस्फीयर रिजर्व और नेशनल पार्क : यह द्वीप एक घोषित 'बायोस्फीयर रिजर्व' है। इसमें ...

शिक्षा का 'पिरामिड संकट': सरकारी आंकड़े बयां कर रहे हैं हमारे स्कूलों की कड़वी सच्चाई

जब हम भारत के भविष्य की बात करते हैं, तो हमारी नज़रें सीधे हमारे स्कूलों और कक्षाओं की ओर जाती हैं। हाल ही में नीति आयोग (NITI Aayog) और शिक्षा मंत्रालय की यूडाइस प्लस (UDISE+) रिपोर्ट ने भारतीय स्कूली शिक्षा व्यवस्था को लेकर कुछ ऐसे चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं, जिन्हें जानना हर नागरिक और अभिभावक के लिए बेहद जरूरी है। यह रिपोर्ट हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था की एक ऐसी कड़वी सच्चाई को सामने लाती है, जिसे नीति आयोग ने "पिरामिड संकट" (Pyramid Problem)  कहा है। Develish One Foundation  हमेशा से बच्चों के समग्र विकास और बुनियादी सुधारों के लिए काम करता रहा है। आइए, इन आधिकारिक आंकड़ों के ज़रिए समझने की कोशिश करते हैं कि हमारी शिक्षा व्यवस्था आज कहाँ खड़ी है।  आंकड़ों की नज़र में: भारतीय स्कूली शिक्षा का विशाल ढांचा भारत की स्कूली शिक्षा दुनिया की सबसे बड़ी प्रणालियों में से एक है, लेकिन इसके आंकड़े जितने बड़े हैं, इसकी चुनौतियाँ भी उतनी ही गहरी हैं: * कुल स्कूल:  भारत में लगभग 14.8 लाख (1.48 Million)  स्कूल हैं। इनमें सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और प्राइवेट स्क...

भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग: क्यों Develish One Foundation खड़ा है हर NEET एस्पिरेंट के साथ?

एक छात्र जब दिन-रात एक करके, अपनी नींद, चैन और खुशियाँ दांव पर लगाकर NEET जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी करता है, तो उसकी आँखों में सिर्फ एक सपना होता है— डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना और अपने माता-पिता का नाम रोशन करना।  लेकिन जब उनकी सालों की कड़ी मेहनत पर पेपर लीक करने वाले भ्रष्ट लोग और 'कोचिंग माफिया' पानी फेर देते हैं, तो वह सिर्फ एक परीक्षा के पेपर का लीक होना नहीं होता, बल्कि इस देश के लाखों बच्चों के भविष्य, उनके भरोसे और उनकी उम्मीदों का कत्ल होता है। हाल ही में NEET परीक्षा को लेकर जो भ्रष्टाचार सामने आया है—जहाँ पेपर लीक सिंडिकेट्स ने लाखों रुपयों में पेपर बेचे और योग्य छात्रों के हक पर डाका डाला—उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। Develish One Foundation इस भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी ताकत से छात्रों के साथ खड़ा है।  हम इस लचर व्यवस्था की कड़ी निंदा करते हैं और न्याय की इस लड़ाई में छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। यह सिर्फ एक 'लीक' नहीं, छात्रों के जज्बात से खिलवाड़ है पेपर लीक होने और उसके बाद पैदा हुई अनिश्चितता ने छात्रों को जिस मानसिक तनाव (Men...