DEVELISH ONE FOUNDATION
संस्था का सर्वोच्च आंतरिक संविधान एवं संचालन नियमावली
(कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 तथा आधिकारिक MoA & AoA के अधीन)
प्रस्तावना
हम, Develish One Foundation के संस्थापक सदस्य, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण एवं ग्रामीण विकास के लिए पूर्णतः समर्पित हैं। यह आंतरिक संविधान संस्था के सुचारू, पारदर्शी, और अनुशासित संचालन तथा देशव्यापी स्वयंसेवकों की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु निर्मित किया गया है। यह संपूर्ण नियमावली संस्था के पंजीकृत मेमोरेंडम (MoA) और आर्टिकल्स (AoA) के प्रति पूर्णतः निष्ठावान है।
अध्याय 1: सामान्य वैधानिक प्रावधान
1. नाम एवं कानूनी स्थिति: संस्था का पंजीकृत नाम Develish One Foundation है। यह भारत सरकार के कारपोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) के तहत धारा 8 company अधिनियम, 2013 के अंतर्गत पंजीकृत एक गैर-लाभकारी (Non-Profit) संस्था है।
📋 आधिकारिक विधिक पहचान (Government Registration):
• कॉर्पोरेट पहचान संख्या (CIN): U88900UP2025NPL220764
2. टैगलाइन: संस्था का आधिकारिक ध्येय वाक्य (Tagline) "Nature First, Future Forward" होगा।
3. पंजीकृत कार्यालय: भरत लाल, रामवापुर दाखही, पोस्ट- कटरा, थाना- इकौना, जिला- श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश – 271805।
4. आधिकारिक चिन्ह (लोगो): संस्था का एक विशिष्ट और पंजीकृत लोगो होगा, जिसके बौद्धिक संपदा अधिकार केवल संस्था के पास सुरक्षित रहेंगे।
5. आधिकारिक वेबसाइट: संस्था की एकमात्र प्राकृत और वैध वेबसाइट www.develishngo.in होगी।
6. वैधानिक उद्देश्य (Objectives as per MoA Clause 3):
A. मुख्य उद्देश्य (Main Objectives - Clause 3(A)):
- पर्यावरण संरक्षण: सघन वृक्षारोपण, पारंपरिक जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, जैव विविधता का संरक्षण और नवीकरणीय (Solar/Green) ऊर्जा का संवर्धन।
- सामाजिक कल्याण: ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन, भूखों के लिए खाद्य सहायता, कन्या शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और स्वच्छता अभियान।
- स्वास्थ्य सेवाएँ: दूरदराज के क्षेत्रों में मोबाइल स्वास्थ्य शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता, और जरूरतमंदों को निःशुल्क जीवन रक्षक दवा वितरण।
- शिक्षा का प्रसार: वंचित बच्चों हेतु निःशुल्क अध्ययन केंद्र, डिजिटल साक्षरता अभियान, पुस्तकालयों की स्थापना और मेधावी छात्रों हेतु छात्रवृत्ति योजना।
- आपदा राहत: बाढ़, सूखा, भूकंप अथवा किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय त्वरित मानवीय और वित्तीय सहायता पहुँचाना।
- नेतृत्व विकास: युवाओं और स्वयंसेवकों को समाज सेवा हेतु प्रशिक्षित करना और उनमें नैतिक नेतृत्व क्षमता का विकास करना।
B. मुख्य उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु पूरक उद्देश्य (Matters Furtherance of Main Objectives - Clause 3(B)):
- मुख्य सामाजिक लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु आवश्यक अचल या चल संपत्ति, भूमि अथवा भवनों का विधिक रूप से अर्जन करना, लीज पर लेना या निर्माण करना।
- संस्था के उद्देश्यों से मेल खाने वाली राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय तकनीकी संस्थाओं, सरकारी विभागों और शोध केंद्रों के साथ विधिक सहमति पत्र (MoU) हस्ताक्षरित करना।
- पर्यावरण, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए पत्रिकाओं, शोध पत्रों, ब्रोशर और डिजिटल सामग्री का प्रकाशन व वितरण करना।
- संस्था के कोष को सुरक्षित रखने हेतु अनुसूचित बैंकों में चालू, बचत या सावधि खाते खोलना और उनका विधिक संचालन करना।
- अन्य सभी विधिक, प्रशासनिक और तकनीकी गतिविधियाँ संचालित करना जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मुख्य धारा 8 उद्देश्यों को सुगम और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक या पूरक हों।
7. क्षेत्राधिकार (Jurisdiction): संस्था का विधिक कार्यक्षेत्र संपूर्ण भारत वर्ष होगा, परंतु प्रारंभिक संगठनात्मक चरण में इसका मुख्य केंद्र उत्तर प्रदेश राज्य रहेगा।
अध्याय 2: संगठनात्मक सदस्यता (Membership Rules)
8. सदस्यों एवं सहयोगियों के प्रकार: company अधिनियम के सिद्धांतों के तहत संस्था से जुड़ने वाले लोगों को निम्नलिखित श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है:
- आजीविका/आजीवन सहयोगी (Life Members): संस्था के कोष में न्यूनतम ₹5,000 या अधिक का एकमुश्त स्वैच्छिक योगदान देने वाले व्यक्ति।
- वार्षिक सहयोगी (Annual Members): संस्था की गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु ₹500 प्रति वर्ष का स्वैच्छिक अंशदान देने वाले व्यक्ति।
- मानद सदस्य (Honorary Members): समाज, कानून, शिक्षा या पर्यावरण के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले प्रख्यात व्यक्ति, जिन्हें शासी बोर्ड (Governing Board) द्वारा बिना किसी शुल्क के मनोनीत किया गया हो।
- स्वयंसेवक (Volunteers): संस्था का मुख्य जमीनी आधार, जो बिना किसी वित्तीय शुल्क के अपनी स्वेच्छा से सामाजिक कार्यों में श्रमदान करते हैं। इनके लिए इस संविधान और मुख्य AoA के नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
9. सदस्यता एवं सहबद्धता हेतु पात्रता:
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए तथा उसकी आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
- पागल, दिवालिया और अदालत द्वारा संविदा करने हेतू अयोग्य घोषित न हो
- आवेदक संस्था के मूल उद्देश्यों और इस संविधान के प्रति पूर्ण निष्ठा रखता हो。
- आवेदक का कोई भी प्रतिकूल आपराधिक इतिहास नहीं होना चाहिए और न ही वह किसी न्यायालय द्वारा किसी अनैतिक मामले में दोषी सिद्ध हुआ हो।
- स्वयंसेवकों को किसी भी संगठनात्मक जिम्मेदारी वाले पद पर आने के लिए न्यूनतम 6 माह की निरंतर सक्रियता दिखाना अनिवार्य होगा।
10. सदस्यता/सहबद्धता की समाप्ति: निम्नलिखित परिस्थितियों में किसी भी व्यक्ति की सदस्यता स्वतः या बोर्ड के निर्णय से समाप्त हो जाएगी:
- सदस्य द्वारा स्वेच्छा से लिखित त्यागपत्र देने पर。
- बिना किसी पूर्व और उचित लिखित सूचना के लगातार 6 महीनों तक संस्था की बैठकों या गतिविधियों से अनुपस्थित रहने पर।
- संस्था के MoA, AoA या इस संविधान के नियमों के विरुद्ध कार्य करने, अथवा संस्था विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर शासी बोर्ड (Governing Board) के दो-तिहाई (2/3) स्पष्ट बहुमत द्वारा निष्कासित किए जाने पर।
अध्याय 3: प्रशासनिक स्वयंसेवक संरचना (Volunteer Administrative Structure)
ध्यान रहे कि ये पद स्वयंसेवक प्रबंधन के लिए हैं, संस्था का मुख्य विधिक मालिकाना हक हमेशा प्रमोटर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के पास ही रहेगा। स्वयंसेवक के किसी भी पद के लिए कोई वेतन, मानदेय या पारिश्रमिक देय नहीं होगा。
11. राष्ट्रीय स्तर (National Level - शासी परिषद के दिशा-निर्देशन में):
- अध्यक्ष (President): संस्था का सर्वोच्च मार्गदर्शक, जो सभी महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता करेंगे।
- उपाध्यक्ष (Vice President): अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उनके प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
- सचिव (Secretary): मुख्य प्रशासनिक और कानूनी कार्य देखना, बैठकों का एजेंडा तय करना और कार्यवृत्त सुरक्षित रखना。
- कोषाध्यक्ष (Treasurer): संस्था के समस्त वित्तीय लेन-देन, वैधानिक खातों के रखरखाव और सीए के माध्यम से ऑडिट कराने के प्रति जवाबदेह。
- कार्यकारी निदेशक (Executive Director): धरातल पर परियोजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।
- संयुक्त सचिव (Joint Secretary): प्रशासनिक कार्यों में मुख्य सचिव की सहायता करना।
- • राष्ट्रीय संगठन प्रभारी (National Organizing Head): संपूर्ण भारत में स्वयंसेवक नेटवर्क का विस्तार करना, विभिन्न राज्यों की कमिटियों में समन्वय स्थापित करना और संगठनात्मक अनुशासन सुनिश्चित करना。
- संगठनात्मक प्रबंधन समिति: विभिन्न राज्य और जिला प्रभारियों के चयन व अनुशासन का प्रबंधन。
- प्रचार एवं मीडिया प्रभारी: सोशल मीडिया प्रबंधन और प्रेस विज्ञप्ति।
- महिला सशक्तिकरण प्रभारी: महिला उत्थान कार्यक्रमों का नेतृत्व।
- युवा समन्वयक (Youth Coordinator): युवा स्वयंसेवकों का समन्वय।
12. राज्य स्तर (State Level):
प्रत्येक राज्य में एक राज्य इकाई होगी: राज्य अध्यक्ष, राज्य सचिव, राज्य कोषाध्यक्ष, और राज्य कार्यक्रम समन्वयक。
13. संभाग / मंडल स्तर (Divisional Level):
संभागीय समन्वयक तथा सह-समन्वयक。
14. जिला स्तर (District Level):
जिलाध्यक्ष, जिला सचिव, जिला कोषाध्यक्ष, और जिला परियोजना प्रबंधक。
15. ब्लॉक / तहसील स्तर (Block Level):
ब्लॉक समन्वयक तथा ब्लॉक महिला प्रतिनिधि。
16. ग्राम स्तर (Village Level):
ग्राम स्वयंसेवक: प्रति ग्राम 1 से 5 सक्रिय स्वयंसेवक। | ग्राम स्वयंसेवक प्रमुख: ग्राम टीम का नेतृत्वकर्ता。
*नोट: स्वयंसेवक प्रबंधन के सभी पद अधिकतम 2 वर्ष की अवधि के लिए होंगे। बोर्ड की पूर्व स्वीकृति के बाद केवल वास्तविक यात्रा या भोजन व्यय (Travel & Food) की प्रतिपूर्ति की जा सकती है。
अध्याय 4: पदाधिकारियों के चयन एवं मनोनयन की प्रक्रिया
17. संगठनात्मक पदों का आवंटन: कंपनी अधिनियम, 2013 के विधिक सिद्धांतों के अनुसार, धारा 8 कंपनी के मुख्य प्रशासनिक निर्णय केवल शेयरधारकों की आम बैठक (AGM) में ही लिए जा सकते हैं। अतः, जमीनी कार्यों हेतु राज्य, संभाग, जिला और ग्राम स्तर की स्वयंसेवक कमिटियों के पदाधिकारियों का चयन प्रबंधन समिति की सिफारिश पर शासी बोर्ड (Governing Board) के मनोनयन और लिखित अनुमोदन द्वारा किया जाएगा। स्वयंसेवक इकाइयों का पुनर्गठन प्रत्येक 2 वर्ष में जनवरी माह में किया जाएगा。
18. भागीदारी के अधिकार: वार्षिक और आजीवन सहयोगियों को संस्था की नीतियों पर विचार-विमर्श में भाग लेने का अधिकार होगा। कोई भी स्वयंसेवक सदस्य, यदि वह न्यूनतम 6 महीने तक संस्था में उत्कृष्ट और सक्रिय कार्य कर चुका है, तो वह जिला या राज्य स्तर की प्रबंधन समितियों में नामांकित होने के लिए पूर्णतः पात्र होगा。
अध्याय 5: बैठकों का आयोजन (Meetings & Quorum)
19. सामान्य सभा (General Body Meetings):
- वार्षिक आम बैठक (AGM): कंपनी अधिनियम के अनुसार प्रत्येक वित्त वर्ष की समाप्ति के 6 माह के भीतर अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएगी।
- त्रैमासिक समीक्षा बैठक: प्रगति की समीक्षा के लिए हर 3 महीने में एक बार सभी प्रमुख प्रभारियों की बैठक होगी।
20. कार्यकारिणी/शासी बोर्ड बैठक: नीतिगत निर्णयों के लिए प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को बोर्ड/कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की जाएगी。
21. गणपूर्ति (Quorum): AGM हेतु कोरम कुल विधिक सदस्यों का 1/3 (एक-तिहाई) या न्यूनतम 2 सदस्य होगा。 स्वयंसेवक कमिटी की बैठक हेतु कम से कम 50% पदाधिकारियों की उपस्थिति आवश्यक होगी।
अध्याय 6: वित्तीय प्रबंधन एवं पारदर्शी लेखा (Finance & Accounts)
⚠️ ऑनलाइन दान प्राप्ति का अनिवार्य नियम (Strict KYC Rule):
22. आय और दान के वैध स्रोत: संस्था को दिया जाने वाला कोई भी ऑनलाइन दान केवल और केवल संस्था की आधिकारिक वेबसाइट www.develishngo.in तथा उसके साथ एकीकृत आधिकारिक Razorpay पेमेंट गेटवे लिंक (https://rzp.io/rzp/K2MpIwc9) के माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा。
दान करते समय दानदाता का पूरा नाम (Donor Name), वैध मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, तथा स्थायी पता, आधार कार्ड नम्बर या फिर पैन कार्ड नम्बर प्रदान करना पूरी तरह अनिवार्य है। इसके बिना प्राप्त दान अमान्य माना जाएगा。
🏦 संस्था का आधिकारिक बैंक खाता विवरण (Official Bank Details):
• BANK NAME: INDIAN BANK (इण्डियन बैंक)
• ACCOUNT HOLDER: DEVELISH ONE FOUNDATION
• ACCOUNT NUMBER: 8306114935
• IFSC CODE: IDIB000K634
• BRANCH: कटरा, श्रावस्ती (उत्तर प्रदेश)
80G टैक्स छूट का स्पष्टीकरण: संस्था को प्राप्त होने वाले शुद्ध और वैध दान (Donations) ही आयकर अधिनियम की धारा 80G के तहत कर-छूट हेतु योग्य होंगे. संस्था द्वारा लिए जाने वाले वार्षिक/आजीवन सहयोगी अंशदान या किसी कार्यशाला/प्रशिक्षण से प्राप्त होने वाले शुल्क पर 80G की कर-छूट लागू नहीं होगी।
23. बैंक खाते का संचालन: संस्था के नाम से संचालित होने वाले सभी बैंक खातों का संचालन अध्यक्ष (President) एवं कोषाध्यक्ष (Treasurer) के संयुक्त हस्ताक्षरों (Joint Signatures) द्वारा ही किया जाएगा。
24. वैधानिक ऑडिट (Audit): प्रत्येक वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर संस्था के संपूर्ण बही-खातों का अनिवार्य ऑडिट एक स्वतंत्र और योग्य चार्टर्ड एकाउंटेंट (CA) से कराया जाएगा और ऑडिट रिपोर्ट वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाएगी。
अध्याय 7: आचार संहिता एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई
25. आचार संहिता (Code of Conduct): संस्था से जुड़ा कोई भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संस्था के MoA, AoA और उद्देश्यों के विपरीत कोई कार्य नहीं करेगा。 जाति, धर्म, लिंग, वर्ग या क्षेत्रीयता के आधार पर भेदभाव पूर्णतः प्रतिबंधित है। सोशल मीडिया (Facebook, WhatsApp, YouTube आदि) पर संस्था की छवि धूमिल करने वाली कोई भी भ्रामक या व्यक्तिगत पोस्ट डालना वर्जित है。
26. निलंबन एवं निष्कासन: आचार संहिता के गंभीर उल्लंघन या वित्तीय अनियमितता पर, शासी बोर्ड अपने 2/3 बहुमत से संबंधित व्यक्ति को पद से तत्काल निलंबित कर सकता है। निलंबित व्यक्ति को स्पष्टीकरण हेतु अधिकतम 30 दिनों का समय दिया जाएगा。
अध्याय 8: संविधान संशोधन की प्रक्रिया
27. संशोधन नियम: इसमें कोई भी नया नियम जोड़ने या पुराने नियम को संशोधित करने का अधिकार केवल शासी बोर्ड के पास सुरक्षित है. किसी भी संशोधन प्रस्ताव को प्रभावी करने के लिए शासी बोर्ड के 2/3 सदस्यों की लिखित सहमति तथा AGM में उसे साधारण बहुमत से पारित कराना अनिवार्य होगा。
अध्याय 9: विधिक विघटन एवं विलय (Dissolution as per MoA Clause 10)
28. विघटन की विधिक स्थिति और संपत्ति हस्तांतरण: यदि संस्था को बंद (Winding up) करना पड़ता है, तो इसके लिए AGM में 3/4 सदस्यों के विशेष प्रस्ताव का समर्थन अनिवार्य होगा। संस्था के विघटन की स्थिति में, सभी देनदारियों को चुकता करने के बाद बची हुई कोई भी वित्तीय राशि या अचल संपत्ति संस्था के किसी भी सदस्य या स्वयंसेवक में वितरित नहीं की जाएगी, बल्कि वह कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के तहत पंजीकृत किसी अन्य समरूप उद्देश्यों वाली एनजीओ को दान स्वरूप ट्रांसफर कर दी जाएगी。
अध्याय 10: प्रारंभिक शासी परिषद (First Executive Committee)
संस्था की स्थापना के प्रारंभिक वर्षों के सुचारू संचालन हेतु निम्नलिखित संस्थापक पदाधिकारी अपने पदों पर कार्यरत रहेंगे:
| पद (Designation) | नाम (Name) |
|---|---|
| अध्यक्ष (President) | Vishal Kumar Pandey |
| उपाध्यक्ष (Vice President) | Rahul Singh |
| सचिव (Secretary) | Sachin Singh |
| कोषाध्यक्ष (Treasurer) | Vimal Kumar Pandey |
| कार्यकारी निदेशक (Executive Director) | Sachin Singh |
| सदस्यगण (Members) | समस्त प्रारंभिक पंजीकृत स्वयंसेवक एवं शासी बोर्ड द्वारा स्वीकृत सहयोगी। |
अध्याय 11: जमीनी स्वयंसेवकों की भूमिका एवं जिम्मेदारियाँ
- जागरूकता अभियानों का संचालन: पर्यावरण, जल, स्वच्छता और शिक्षा के महत्व पर ग्रामीण क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक, रैलियां और स्कूल संपर्क कार्यक्रमों का आयोजन।
- जमीनी डेटा का संग्रह: पिछड़े गांवों में रहने वाले गरीब, असहाय और जरूरतमंद परिवारों तथा बच्चों की पारदर्शी सूची तैयार करना।
- स्थानीय स्तर पर प्रचार: अपने-अपने क्षेत्रों में संस्था के लोक-कल्याणकारी कार्यों का व्यापक प्रचार करना और लोगों को स्वैच्छिक श्रमदान हेतु प्रेरित करना।
- स्वयंसेवक तंत्र का विस्तार: संस्था की विचारधारा से मेल खाने वाले नए, ईमानदार स्वयंसेवकों को जोड़ना तथा उन्हें प्राथमिक प्रशिक्षण देना।
- परियोजनाओं की प्रत्यक्ष मॉनिटरिंग: लगाए गए पौधों की सुरक्षा, निर्मित जल टैंकों के रखरखाव और चिकित्सा शिविरों की जमीनी स्तर पर निगरानी।
- मासिक कार्य रिपोर्टिंग: प्रत्येक स्वयंसेवक हर महीने की समाप्ति पर अपने कार्यों की प्रगति रिपोर्ट अपने से उच्च ब्लॉक/जिला प्रभारी को अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करेगा।
अध्याय 12: संस्था का चिन्ह (Logo) – स्वामित्व एवं उपयोग नियम
(संस्था का आधिकारिक पंजीकृत लोगो)
29. लोगो का स्वामित्व: Develish One Foundation का लोगो संस्था की अनन्य बौद्धिक संपत्ति (Intellectual Property) है. लोगो के मूल डिज़ाइन, रंग संयोजन, आकार या फ़ॉन्ट में किसी भी प्रकार का बदलाव करना वर्जित है。
30. लोगो के अधिकृत उपयोग की सीमा: केवल संस्था के प्रमोटर्स, बोर्ड डायरेक्टर्स और प्राधिकृत पदाधिकारी ही आधिकारिक कार्यों में इस लोगो का उपयोग कर सकते हैं. सक्रिय स्वयंसेवक प्रचार सामग्री में लोगो का उपयोग तभी कर सकते हैं जब सामग्री का प्रारूप सचिव द्वारा लिखित रूप से स्वीकृत हो。
31. पूर्णतः निषिद्ध एवं अवैध उपयोग: किसी व्यक्ति द्वारा अपने निजी व्यावसायिक लाभ, राजनीतिक दल के प्रचार, या किसी कमर्शियल उत्पाद की ब्रांडिंग के लिए उपयोग पूर्णतः वर्जित है। बिना अनुमति के लोगो के रंगों को बदलना या विकृत करना प्रतिबंधित है।
32. थर्ड-पार्टी लाइसेंसिंग: किसी भी बाहरी सामाजिक संस्था या डिजिटल मीडिया को लोगो जारी करने से पहले शासी बोर्ड की लिखित अनापत्ति (NOC) आवश्यक है。
33. उल्लंघन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई: बिना अनुमति लोगो का दुरुपयोग करने पर संस्था तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी. यदि दुरुपयोग से संस्था की छवि को ठेस पहुँचती है, तो संस्था संबंधित व्यक्ति के खिलाफ ट्रेडमार्क अतिक्रमण (Trademark Infringement) तथा कॉपीराइट उल्लंघन (Copyright Violation) का मुकदमा दर्ज कराने के लिए स्वतंत्र होगी。
34. लोगो उपयोग हेतु अनुरोध प्रक्रिया: प्रस्तावित सामग्री के प्रारूप के साथ मुख्य सचिव को संस्था के आधिकारिक ईमेल पर आवेदन करना होगा. आवेदन प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर अनुमति या अस्वीकृति जारी की जाएगी。
35. कानूनी संरक्षण: संस्था अपने इस विशिष्ट लोगो का भारत सरकार के ट्रेडमार्क रजिस्ट्री के तहत क्लास 45 (सामाजिक एवं धर्मार्थ सेवाएं) के अंतर्गत कानूनी पंजीकरण सुनिश्चित कराएगी。
अध्याय 13: संस्था के आधिकारिक MoA एवं AoA की सर्वोच्चता का नियम और अदालती अनुबंध के नियम
(1) संस्था से जुड़े सभी लोगों पर अनिवार्य बाध्यता (Binding Effect): संस्था के पंजीकृत होते ही इसके दोनों मुख्य दस्तावेज—मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) और आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (AoA)—एक पूर्ण, अपरिवर्तनीय और कानूनी रूप से बाध्यकारी अनुबंध का रूप ले लेते हैं. यह नियम बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से लेकर अंतिम छोर पर कार्यरत प्रत्येक स्वयंसेवक (Volunteer) पर भी अनिवार्य रूप से लागू होगा。
(2) व्यक्तिगत कानूनी व वित्तीय दायित्व, आर्थिक दंड एवं अदालती अनुबंध नियम (Personal Liability, Indemnity & Court Contract Rule): Develish One Foundation से जुड़े सभी पदाधिकारियों, प्रभारियों, स्वयंसेवकों (महिला या पुरुष) तथा संबद्ध संस्थाओं पर यह संविधान भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872 (Indian Contract Act, 1872) के तहत एक वैध और कानूनी रूप से बाध्यकारी अनुबंध (Strict Binding Contract) की तरह लागू होगा।
यदि संस्था से जुड़ा कोई भी व्यक्ति या संस्था किसी भी प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud), जालसाजी, फंड का दुरुपयोग, पद का गलत इस्तेमाल या इस संविधान के किसी भी नियम का उल्लंघन करता है, तो उसके लिए वह व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से (Personally and Individually) पूरी तरह उत्तरदायी होगा। ऐसे किसी भी कृत्य की कोई भी कानूनी, दीवानी (Civil) या आपराधिक (Criminal) जिम्मेदारी 'Develish One Foundation' के ऊपर नहीं आएगी, बल्कि उस विशेष कार्य या जिम्मेदारी के लिए अधिकृत किए गए व्यक्ति या उस संस्था की ही होगी。 संस्था कोर्ट में इस संविधान को एक विधिक अनुबंध के रूप में प्रस्तुत करके अपनी समस्त जिम्मेदारी सीधे उस दोषी व्यक्ति पर सौंपने का पूर्ण विधिक अधिकार रखती है।
आर्थिक दंड एवं अदालती कार्रवाई (Fines & Court Action):
नियम तोड़ने या धोखाधड़ी करने पर संस्था दोषी के विरुद्ध ₹2,000 (दो हजार रुपए) से लेकर ₹5,00,000 (पाँच लाख रुपए) तक का आर्थिक दंड (Penalty) आरोपित करेगी। यदि दोषी व्यक्ति निर्धारित समय-सीमा के भीतर यह जुर्माना और संस्था को हुआ वित्तीय नुकसान नहीं भरता है, तो संस्था न्यायालय (Court) के माध्यम से कानूनी रूप से उस व्यक्ति की चल-अचल संपत्ति या व्यक्तिगत कोष से इस राशि को वसूल (Recover) करने की पूर्ण हकदार होगी। इसके अतिरिक्त, संस्था उसके विरुद्ध किसी भी सक्षम न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराने और उसे सजा दिलाने के लिए स्वतंत्र होगी।
(3) नियमों की सर्वोच्चता और उल्लंघन पर स्वतः अवैध होना (Overriding & Voidance): संस्था के MoA और AoA ही इसके सर्वोच्च विधिक और प्रशासनिक दस्तावेज रहेंगे. संस्था के दैनिक संचालन के लिए बनाए गए अन्य सभी आंतरिक नियम, उप-नियम (Bye-laws), मार्गदर्शिका या यह आंतरिक संविधान हमेशा मुख्य MoA and AoA के नियमों के अधीन ही रहेंगे. यदि कोई भी आंतरिक नियम या इस संविधान का कोई हिस्सा मुख्य MoA और AoA के मूल नियमों का उल्लंघन करता है या उनके विपरीत जाता है, तो वह उसी क्षण से स्वतः ही पूरी तरह अवैध और शून्य (Void Ab Initio - शुरुआत से ही निष्प्रभावी) माना जाएगा。
📂 अध्याय 14: आधिकारिक विधिक दस्तावेज डाउनलोड (Official PDF Links)
संस्था की संपूर्ण विधिक प्रामाणिकता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु, भारत सरकार के कारपोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) द्वारा स्वीकृत मूल दस्तावेजों के डाउनलोड लिंक नीचे दिए जा रहे हैं:
🔗 e-MOA (मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन) पीडीएफ: यहाँ क्लिक करके देखें/डाउनलोड करें
🔗 e-AOA (आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन) पीडीएफ: यहाँ क्लिक करके देखें/डाउनलोड करें
परिशिष्ट – A : निष्ठा, सेवा एवं वैधानिक बाध्यता शपथ (Oath of Allegiance & Liability)
मैं [यहाँ नाम लिखें], पूर्ण होशोहवास में यह गंभीर शपथ लेता/लेती हूँ कि:
मैं Develish One Foundation के इस आंतरिक संविधान तथा इसके पंजीकृत MoA व AoA के सभी नियमों के प्रति सदैव वफादार और बाध्य रहूँगा/रहूँगी।
मैं संस्था के उद्देश्यों (पर्यावरण एवं समाज सेवा) को बिना किसी निजी स्वार्थ, लोभ या भेदभाव के पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से पूरा करूँगा/करूँगी।
मैं स्वीकार करता/करती हूँ कि यह संविधान मेरे ऊपर भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872 के तहत एक कानूनी कॉन्ट्रैक्ट की तरह लागू है। मेरे द्वारा की गई किसी भी वित्तीय धोखाधड़ी या नियम के उल्लंघन के लिए मैं व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार हूँगा/हूँगी; संस्था पर इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
नियम तोड़ने पर संस्था द्वारा लगाया गया आर्थिक दंड मुझे स्वीकार होगा। इसे न चुकाने पर संस्था मेरे विरुद्ध कोर्ट के माध्यम से कानूनी कार्रवाई करने और मेरी निजी संपत्ति से भी राशि वसूलने के लिए पूर्ण स्वतंत्र होगी।
मैं संस्था की गरिमा और आचार संहिता को बनाए रखने की प्रतिज्ञा करता/करती हूँ।"
हस्ताक्षर (Signature): ________________________
पूरा नाम (Full Name): ________________________
पद (Designation): ________________________
दिनांक व स्थान (Date & Place): ____________________
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